खर्चों को देख नप ने लोन लेने से की तौबा

नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद वाहनों के मामले में कंगाल हो गई है। मौजूदा समय में नाहन नप के पास तकरीबन 8 छोटे बड़े वाहन हैं। सफाई व्यवस्था ढर्रे पर लाने के लिए नप को 6-7 वाहनों की और सख्त जरूरत है। अगर देखा जाए तो मौजूद सभी वाहनों में से मात्र 3 सक्षम वाहन ही ठीक ढंग से कार्य कर पा रहे हैं। जबकि 3 अन्य वाहन पूरी तरह से कबाड़ हो गए हैं। नौबत यहां तक पहुंच गई है कि यदि परिषद ने जल्द ही सरकारी लोन नहीं लिया तो वाहनों का संकट और गहरा जाएगा।
हालांकि विभाग इस मामले में ताल ठोक कर कह रहा है कि उसके पास वाहनों की संख्या काम चलाने लायक है। नप का यह भी दावा है कि हाल ही में उसने लोन लेकर कुछ वाहनों को खरीदा है, जिनका इस्तेमाल शहर भर में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में किया जाएगा। मगर सूत्रों की माने तो फिलहाल नगर परिषद ने अपने बढ़ते खर्चों के चलते लोन लेने की योजना से हाथ पीछे खींच दिए हैं।
शहर की सफाई का जिम्मा पूरी तरह से ठीक तीन वाहनों के कंधों पर है। नप के पास चालू हालत में एक ट्रैक्टर, एक डंपर प्लेसर तथा एक अन्य वाहन है। जबकि गिनती का एक ट्रैक्टर भी कई दिनों से खराब पड़ा है।
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घर के बढ़ते खर्चों से है नप परेशान
नाहन (सिरमौर)। नगर परिषद नाहन बढ़ते खर्चों से जूझ रही है। सफाई कर्मचारियों से लेकर इस विभाग से जुड़े अन्य कर्मियों तथा वाहनों का तेल एवं खर्चा पानी ही वर्ष भर में एक करोड़ के लगभग बन रहा है। इसके अलावा भी शहर भर की स्ट्रीट लाइटों तथा उनके रखरखाव में ही हर साल नप 35-40 लाख रुपये के करीब खर्च कर रही है। यही कारण है कि नगर परिषद अब लोन लेकर वाहनों को खरीदने का साहस नहीं जुटा पा रहा।
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लोन लेकर खरीदा मात्र एक वाहन : ईओ
नाहन (सिरमौर)। नप के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि फिलहाल एक नया डंपर प्लेसर नप ने लोन लेकर खरीदा है। पूर्व में बनी लोन लेने की योजना को टाल दिया गया है। फिलहाल नप के पास जो वाहन हैं उसी से काम चलाया जा रहा है। देखा जाए तो नप मौजूदा समय में नो प्राफिट नो लोस की श्रेणी में है।
– एसएस नेगी, कार्यकारी अधिकारी नाहन नप

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